महारक्तदान शिबिर

रक्तदान केवल सर्वश्रेष्ठ दान ही नहीं बल्कि रक्तदान जीवनदान करने जैसा ही है, क्योंकि हमारे द्वारा किए गए रक्तदान की वजह से किसी की जान बचाई जा सकती है। अत: जिनके लिए संभव हो उस प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान करना ही चाहिए। यह प्रत्येक का आद्य कर्तव्ह है। ऐसा श्रेष्ठ दान करने का अवसर हमारे लिए जल्द ही उपलब्ध होनेवाला है।

 

रविवार दिनांक १६ अप्रैल २०१७  के दिन न्यू इंग्लिश स्कूल, गवर्मेंट कॉलोनी, खेरवाडी, बान्द्रा (पूर्व), मुम्बई में महारक्तदान शिबिर आयोजित किया गया है। दिलासा मेडिकल ट्रस्ट ऐन्ड रिहैबिलिटेशन सेंटर द्वारा आयोजित एवं श्री अनिरुद्ध उपासना फाऊंडेशन और अनिरुद्धाज ऐकेडमी ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट के संयुक्त उद्यम से साकार होनेवाले महारक्तदान शिबिर का यह १८ वां वर्ष है।

 

 

पिछले १७ वर्षों में संस्था की ओर से लगातार हर वर्ष आयोजित किए जानेवाले महारक्तदान शिबिर समेत महाराष्ट्र के विभिन्न भागों में कुल ८५२  रक्तदान शिबिर आयोजित किए गए, जिनमें १,१७,१३८ रक्त की बोतलें जमा की गईं। इतने बडे पैमाने पर रक्त की बोतलें जमा होना एक विशेष बात है। इस शिबिर में बहुत ही आनंदपूर्ण वातावरण होता है तथा शिविर में शामिल होनेवाला प्रत्येक व्यक्ति मन में यह भावना लिए जाता है कि, उसने यह दान करके कुछ प्राप्त कर लिया है।

 

आईए इस बार के महारक्तदान शिबिर में शामिल होकर हम जीवनदानी बनें।

 

हर वर्ष मुम्बई में आयोजित होनेवाले महारक्तदान शिबिर में से ही इस उपक्रम को बडे पैमाने पर गति मिलती है। ग्रीष्म ऋतु में रक्तदान शिबिर का आयोजन करने के महत्वपूर्ण कारण हैं, एक तरफ गर्मियों की छुट्टियों के दौरान ऑपरेशन करवाने की मरीजों की मानसिकता और इसके लिए बहुत बडे पैमाने पर खून की आवश्यकता, तो दूसरी तरफ इन्हीं दिनों में ब्लड बैंकों में उपलब्ध खून की कमी।

 

इस वर्ष मुम्बई, थाने, नवी मुम्बई और नागपुर से ३३ ब्लड बैंक इस शिबिर में शामिल होंगे। अस्पतालों के संबंधित मेडिकल स्टाफ के अलावा संस्था की ओर से ६० डॉक्टर तथा ७० पैरामेडिक्स इस शिबिर को सुचारु रूप से सम्पन्न करने हेतु अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। शिबिर में रक्तदान करनेवाले श्रद्धावानों के लिए पानी एवं अल्प आहार की व्यवस्था संस्था द्वारा की जाएगी।

 

इस शिबिर में शामिल होनेवाले प्रत्येक व्यक्ति का सहभाग अभिवादन योग्य होगा। जो व्यक्ति इस शिबिर में रक्तदान करने के लिए ब्लड डोनेशन बैंक के अनुसार खरे नहीं उतरेंगे उनके लिए संस्था की ओर से शिबिर स्थल पर चरखा चलाने की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि इस शिबिर में हरएक का ऐक्टिव योगदान रहे और चरखे से बनाए गए सूत से स्कूल के युनिफॉर्म बनवाकर ग्रामिण भागों में जरुरतमंद छात्रों को दान स्वरूप दिए जाएंगे तथा शिबिर में उपस्थित व्यक्ति इस श्रमदान का आनंद उठा पाएंगे।